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Showing posts from December, 2018

Dil-e-naada: Kalam aur kaag ka rista

Dil-e-naada: Kalam aur kaag ka rista : कही न कही खुद से ही अंजान हू 😳 आज को छोड कल के लिए परेशान हू। 😵 कलम ने कागज से जब किया ये सवाल   ✏ कागज बोला अरे ओ पागल सुन अब इसका जबाव   📄 खुद से कर गहरा अपना रिश्ता 👭   कल की फिक्र को छोड आज जी अपना   ✋ अरे पगली तू क्यो परेशान रहती है   👀 आज को छोड़ कल पर क्यो ध्यान देती है   😫 कलम   ✏ बोली मै आवाज हू कवि की   😄 ताकत हू न्यायाधीश की 👼 इसलिए मै कल की फिक्र करती हू   😳 अपने गलत इस्तेमाल से डरती हू 😢 कागज 📃   बोला अरे ओ नादान मत हो तू परेशान   तेरा मेरा रिश्ता इतना गहरा है   💑 तेरे गलत इस्तेमाल का असर भी मुझपे होता है   जब तू गलत होती है फाड़कर फेंका मै जाता हू तेरे गलत होने से मै भी बेकार हो जाता है ❌ कलम की आंख मे भर आये आंसू   ✒ कागज से लिपट रोने लगी जब   📄 ✒ 😢 कागज और कलम एक इंसान के लिए खराब हो गये तब 🚫 कागज पर कलम की स्याही(आंसू) 😭   जो फैल गये थे । ✏ ✒ 📄 📃 # tannya_ki_diary_se   # pgl_soach_meri 😂 😂

Kalam aur kaag ka rista

कही न कही खुद से ही अंजान हू 😳 आज को छोड कल के लिए परेशान हू। 😵 कलम ने कागज से जब किया ये सवाल  ✏ कागज बोला अरे ओ पागल सुन अब इसका जबाव  📄 खुद से कर गहरा अपना रिश्ता 👭   कल की फिक्र को छोड आज जी अपना  ✋ अरे पगली तू क्यो परेशान रहती है  👀 आज को छोड़ कल पर क्यो ध्यान देती है  😫 कलम  ✏ बोली मै आवाज हू कवि की  😄 ताकत हू न्यायाधीश की 👼 इसलिए मै कल की फिक्र करती हू  😳 अपने गलत इस्तेमाल से डरती हू 😢 कागज 📃  बोला अरे ओ नादान मत हो तू परेशान तेरा मेरा रिश्ता इतना गहरा है  💑 तेरे गलत इस्तेमाल का असर भी मुझपे होता है जब तू गलत होती है फाड़कर फेंका मै जाता हू तेरे गलत होने से मै भी बेकार हो जाता है ❌ कलम की आंख मे भर आये आंसू  ✒ कागज से लिपट रोने लगी जब  📄 ✒ 😢 कागज और कलम एक इंसान के लिए खराब हो गये तब 🚫 कागज पर कलम की स्याही(आंसू) 😭  जो फैल गये थे । ✏ ✒ 📄 📃 # tannya_ki_diary_se # pgl_soach_meri 😂 😂