Dil-e-naada: Kalam aur kaag ka rista : कही न कही खुद से ही अंजान हू 😳 आज को छोड कल के लिए परेशान हू। 😵 कलम ने कागज से जब किया ये सवाल ✏ कागज बोला अरे ओ पागल सुन अब इसका जबाव 📄 खुद से कर गहरा अपना रिश्ता 👭 कल की फिक्र को छोड आज जी अपना ✋ अरे पगली तू क्यो परेशान रहती है 👀 आज को छोड़ कल पर क्यो ध्यान देती है 😫 कलम ✏ बोली मै आवाज हू कवि की 😄 ताकत हू न्यायाधीश की 👼 इसलिए मै कल की फिक्र करती हू 😳 अपने गलत इस्तेमाल से डरती हू 😢 कागज 📃 बोला अरे ओ नादान मत हो तू परेशान तेरा मेरा रिश्ता इतना गहरा है 💑 तेरे गलत इस्तेमाल का असर भी मुझपे होता है जब तू गलत होती है फाड़कर फेंका मै जाता हू तेरे गलत होने से मै भी बेकार हो जाता है ❌ कलम की आंख मे भर आये आंसू ✒ कागज से लिपट रोने लगी जब 📄 ✒ 😢 कागज और कलम एक इंसान के लिए खराब हो गये तब 🚫 कागज पर कलम की स्याही(आंसू) 😭 जो फैल गये थे । ✏ ✒ 📄 📃 # tannya_ki_diary_se # pgl_soach_meri 😂 😂
कही न कही खुद से ही अंजान हू 😳 आज को छोड कल के लिए परेशान हू। 😵 कलम ने कागज से जब किया ये सवाल ✏ कागज बोला अरे ओ पागल सुन अब इसका जबाव 📄 खुद से कर गहरा अपना रिश्ता 👭 कल की फिक्र को छोड आज जी अपना ✋ अरे पगली तू क्यो परेशान रहती है 👀 आज को छोड़ कल पर क्यो ध्यान देती है 😫 कलम ✏ बोली मै आवाज हू कवि की 😄 ताकत हू न्यायाधीश की 👼 इसलिए मै कल की फिक्र करती हू 😳 अपने गलत इस्तेमाल से डरती हू 😢 कागज 📃 बोला अरे ओ नादान मत हो तू परेशान तेरा मेरा रिश्ता इतना गहरा है 💑 तेरे गलत इस्तेमाल का असर भी मुझपे होता है जब तू गलत होती है फाड़कर फेंका मै जाता हू तेरे गलत होने से मै भी बेकार हो जाता है ❌ कलम की आंख मे भर आये आंसू ✒ कागज से लिपट रोने लगी जब 📄 ✒ 😢 कागज और कलम एक इंसान के लिए खराब हो गये तब 🚫 कागज पर कलम की स्याही(आंसू) 😭 जो फैल गये थे । ✏ ✒ 📄 📃 # tannya_ki_diary_se # pgl_soach_meri 😂 😂